Brahmakumaris srinagar Garhwal
श्रीनगर उत्तराखंड के तपस्या धाम में पांच दिवसीय वाह जिंदगी वाह अनुभूति शिविर संपन्न
श्रीनगर उत्तराखंड के तपस्या धाम में पांच दिवसीय वाह जिंदगी वाह अनुभूति शिविर संपन्न
सैकड़ों लोगों ने ली ईश्वरीय ज्ञान की सौगात
समाज सेवा प्रभाग ने किया समाज सेवियों का सम्मान
श्रीनगर(उत्तराखंड)। स्वचिंतन और आध्यात्मिक दिनचर्या अपनाने से बनेगा मानव जीवन श्रेष्ठ। बाहरी रूप से मानव जीवन जितना आसान और सुविधाजनक होता जा रहा है, अंदरुनी रूप से व्यक्ति विज्ञान की गुलामी में उतना ही उलझन भरा जीवन व्यतीत कर रहा है। उक्त विचार प्रख्यात अंतर्राष्ट्रीय वक्ता प्रो० ई.वी गिरीश जी द्वारा श्रीनगर गढ़वाल उत्तराखंड सेवाकेंद्र में पांच दिवसीय तनाव मुक्ति एवं आध्यात्मिक अनुभूति शिविर में रखे गए।
उक्त शिविर में शहर भर की जनता के साथ ही मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के एम.बी.बी.एस छात्र-छात्राओं ने जिंदगी के हर पल को खुशनुमा बनाने के लिए कई टिप्स लिये। शिविर का शुभारंभ 13 अक्तूबर को देवप्रयाग विधानसभा के विधायक श्री विनोद कंडारी जी, पूर्व दर्जाधारी मंत्री श्री सुरेश बिष्ट जी , कीर्ति चक्र विजेता मेजर दिग्विजय सिंह रावत जी एवं प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता भोपाल चौधरी जी द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
प्रो. ई वी गिरीश ने कहा कि पांच दिवसीय शिविर के माध्यम से जनता को जीवन जीने के तरीके, आध्यात्म से जुड़ने, अपने अंदर के हीरों की पहचान कराने, मन को नियंत्रित करने, संबंधों में मधुरता कैसे लानी है, राजयोग और ईश्वर के महावाक्यों से अवगत कराया गया। उन्होंने कहा कि मन में सकारात्मकता लाने के लिए आध्यात्म की सच्ची पहचान करनी होगी और ईश्वरीय महावाक्यों को जीवन में उताराना होगा। ईश्वरीय महावाक्यों से जीवन में सकारात्मकता आयेगी।
ब्रह्माकुमार भ्राता मेहरचंद जी निदेशक गढ़वाल क्षेत्र उत्तराखंड ब्रह्माकुमारीज़ ने कहा की आत्मा को सकारात्मक विचारों और मैडिटेशन से चार्ज करना पड़ेगा और आध्यात्मिकता के साथ दिनचर्या का एक सही टाइमटेबल बनाना होगा। स्वचिंतन के लिए हरेक मानव को वक्त निकाला चाहिए। कहा कि समाज में देखने को मिलता है कि सभी एक दूसरे की बुराई पर ज्यादा ध्यान देते है, जबकि किसी को प्रोत्साहित करना हो तो वह कम देखने को मिलता है। उन्होंने कहा की शिविर के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा लोगों से जोड़कर यहीं संदेश पहुंचाया गया कि मन के मालिक बनें और अध्यात्मिक जीवनशैली के साथ सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ें।
बी.के बीरेन्द्र, मुखालय संयोजक समाज सेवा प्रभाग ने सभी को ब्रह्माकुमारीज़ संस्था का परिचय दिया साथ ही समाज सेवा प्रभाग की सेवाओं से अवगत कराया।
बी.के नीलम बहन प्रभारी श्रीनगर गढ़वाल सेवाकेंद्र ने पांच दिवसीय शिविर में पहुंचने वाले सभी लोगों का आभार प्रकट किया।
बी.के प्रकाश माउंट आबू, बी.के दिपेश ओ.आ.सी गुरूग्राम ,बी.के प्रवीण चाणक्य प्लेस दिल्ली भी कार्यक्रम में मौजद रहे।
वहीं इस मौके पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सी.एम.एस रावत, व्यापार सभा जिलाध्यक्ष वासुदेव कंडारी, नगर अध्यक्ष दिनेश असवाल, प्रो. निरंजन गुंजन, रौटरी क्लब, लायंस क्लब सहित विभिन्न सामाजिक संस्था के लोगों को सम्मानित भी किया गया।
शिविर के अतिरिक्त अन्य स्थानों में भी कार्यक्रम किये गए।
- टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (टी.एच.डी.सी) भागीरथीपुरम नई टिहरी उत्तराखंड।
- जिला कारागार पौड़ी उत्तराखंड
- राजकीय औद्योगिकी प्रशिक्षण संस्थान श्रीनगर उत्तराखंड
- Re Neu कंपनी लिमिटेड अगस्तमुनि रूद्रप्रयाग उत्तराखंड
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“मेरी संस्कृति, मेरी पहचान” अभियान का श्रीनगर उत्तराखंड से हुआ शुभारम्भ
“मेरी संस्कृति, मेरी पहचान” अभियान का श्रीनगर उत्तराखंड से हुआ शुभारम्भ
उत्तराखंड राज्य के रजत जयंती का समारोह मनाया गया
10 दिन तक चलेगा अभियान उत्तरकाशी में होगा भव्य समापन समारोह
श्रीनगर (उत्तराखंड)- ब्रह्माकुमारीज़ के शिपिंग एविएशन टूरिज्म विंग एवं ब्रह्माकुमारीज़ श्रीनगर गढ़वाल सेवा केंद्र के द्वारा उत्तराखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह के उपलक्ष में ब्रह्माकुमारीज के श्रीनगर गढ़वाल सेवा केंद्र से “मेरी संस्कृति मेरी पहचान” अभियान की शुरुआत हुई ।
ब्रह्माकुमारीज के क्षेत्रीय निदेशक एवं सीनियर नेशनल कोऑर्डिनेटर स्पोर्ट्स विंग ब्रह्माकुमार राजयोगी भ्राता मेंहरचंद जी ने कहा कि अतीत में पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति का प्रभाव था। भारत अध्यात्म और विज्ञान का केंद्र था किंतु पराधीन कल में भारतीय संस्कृति को नष्ट करने के बहुत से प्रयास हुए। किंतु आज भी भारतीय संस्कृति अपने मूल्यों को बनाए हुए हैं। आज ब्रह्माकुमारीज अनेकों कार्यक्रमों और राजयोग शिविरों के द्वारा विश्व के 140 देश में गीता में वर्णित राजयोग ध्यान के द्वारा भारतीय संस्कृति का गौरव बढ़ा रही है।
उन्होंने कहा कि यह अभियान आज श्रीनगर से शुरू होकर रुद्रप्रयाग, गुप्तकाशी, कर्णप्रयाग, ज्योर्तिमठ, गोपेश्वर, नई टिहरी, चंबा, चिन्यालीसौड़ आदि स्थानों से होकर 19 नवंबर को इसका भव्य समापन उत्तरकाशी में होगा।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता दिल्ली से पधारे जोनल कोऑर्डिनेटर साइंटिस्ट एवं इंजीनियरिंग विंग ब्रह्माकुमार पीयूष भाई जी ने कहा कि उत्तराखंड कई प्राचीन मठ मंदिरों, पवित्र नदियों और ऋषि मुनियों की तपस्या का स्थान है। अतीत में जगतगुरु शंकराचार्य, महात्मा गांधी, कालिदास, स्वामी विवेकानंद स्वामी रामतीर्थ स्वामी शिवानंद जैसे अनेकों तपस्वियों ने उत्तराखंड में रहकर आध्यात्मिक प्रेरणायें लेकर भारत की संस्कृति का परचम पूरे विश्व तक पहुंच गया । और अब ब्रह्माकुमारीज भी तपस्वियों और वीरों की भूमि उत्तराखण्ड से विश्व को यह संदेश देना चाहती है कि सम्पूर्ण भारत पुनः देवभूमि बनने जा रहा जिसका कार्य गुप्त रूप से बाबा केदारनाथ स्वयं पिछले 90 वर्षों से कर रहे हैं
इस कार्यक्रम में गढ़वाल विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी डॉक्टर संजय ध्यानी जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे साथ ही एडवोकेट विवेक जोशी ऑनर मोपिया रिजॉर्ट श्रीनगर एवं श्री अप्पल रतूड़ी अध्यक्ष होटल एसोसिएशन श्रीनगर भी कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पहुंचे.
इस कार्यक्रम में अंबाला से पधारे ब्रह्माकुमारी शैली बहन जी ने संस्था का और खास पर्यटन विभाग का परिचय देते हुए सुनाया की ब्रह्माकुमारी संस्था विगत 90 वर्षों से समाज में मूल्य की पुनर्स्थापना के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य उत्तराखंड को धार्मिक-आध्यात्मिक पर्यटन के क्षेत्र में विश्व में अग्रणी राज्य बनाने का प्रयास करना है I
कार्यक्रम में गढ़वाल विश्वविद्यालय के एन एस एस के छात्र-छात्राओं द्वारा गढ़वाली, जौनसारी एवं कुमाऊनी परिधान में उत्तराखंड के परंपराओं एवं सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर प्रोफेसर जे.के तिवारी, प्रोफेसर राकेश नेगी भोपाल चौधरी कमला गोयल उमा जोशी आदि मौजूद रहे
इस अभियान की श्रृंखला में अनेक अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए गए
गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर में उत्तराखंड राज्य के रजत जयंती स्थापना वर्ष समारोह में ब्रह्माकुमारीज के राजयोगी भाई बहनों को आमंत्रित किया गया। इस समारोह में विशेष दिल्ली से पधारे ब्रह्माकुमार पीयूष भाई जी ने स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड 25 वर्ष पूरा कर युवा राज्य बन चुका है, भारत को विश्वगुरु बनाने में युवा उत्तराखंड के युवाओं की बहुत मुख्य भूमिका है। उन्होंने विशेष युवाओं को नशे से दूर रहने का आह्वान किया और सभी को राजयोग मेडिटेशन की अनुभूति भी करवायी.
रिवरसाइड होटल मलेथा टिहरी गढ़वाल में Service With Smile विषय पर होटल कर्मचारियों के लिए ब्रह्माकुमारीज के पर्यटन प्रभाग द्वारा उत्साहवर्धक ट्रेनिंग सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी ज्योति बहन जी ग्वालियर ने कहा कि मुस्कान के साथ सेवा करने से हमें सबकी दुआएं मिलती है।
सशस्त्र सीमा बल परीक्षण संस्थान श्रीनगर में STOP Worrying Start Enjoying विषय पर आदरणीय राजयोगी ब्रह्माकुमार पीयूष भाई जी द्वारा व्याख्यान दिया गया I साथ ही ब्रह्माकुमारी बहनों ने DIG सुभाष चंद नेगी जी को ईश्वरीय सौगात दी।
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Pauri Garhwal (UK) राजयोग द्वारा खेलों में सफलता विषय पर 7000 फीट की ऊंचाई में किए गया
राजयोग द्वारा खेलों में सफलता विषय पर 7000 फीट की ऊंचाई में किए गया कार्यक्रम
पौड़ी गढ़वाल- रांसी खेल मैदान पौड़ी जो कि 7000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है तथा एशिया का दूसरा सबसे ऊंचा स्टेडियम है। इस मैदान पर 100 से अधिक ट्रेनिंग करने आए हुए एथलेटिक्स फुटबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस आदि खेलों के राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों एवं उनके कोच के लिए राजयोग द्वारा सफलता विषय पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राजयोगी ब्रह्माकुमार भ्राता मेहरचंद जी सीनियर नेशनल कोऑर्डिनेटर स्पोर्ट्स विंग ने कहा कि खिलाड़ीयों का जीवन संत की तरह अनुशासित और मर्यादित होता है। जैसे संत निंदा, स्तुति,मान अपमान हार-जीत जय पराजय सब में एक समान रहता है तो उसे ख्याति प्राप्त होती है। ठीक उसी प्रकार यदि खिलाड़ी भी अपने मूल्यों को ना खोकर व्यर्थ विचारों से खुद को बचा कर रखें और हार जीत का परिणाम को सोचे बिना लगातार परिश्रम करते रहें तो उन्हें सफलता अवश्य प्राप्त होगी। अगर कभी सफलता ना भी मिले तो भी कभी हार नहीं माननी चाहिए क्योंकि मन के हारे हार है और मन के जीते जीत तो संत की तरह मन को सशक्त बनाने से हार जीत जय पराजय में जब एक समान रहेंगे तो एक दिन जरूर हमारी ख्याति चारों दिशाओं में फैलेगी, बस हमें अपने परिश्रम ,विश्वास, दृढ़ता, धैर्यता गुणों को साथ कभी नहीं छोड़ना चाहिए। राजयोग मेडिटेशन से इन सभी गुणों को हम अपने अंदर आसानी से अपना सकते हैं।
ब्रह्माकुमारी नीलम दीदी जी सेवाकेंद्र प्रभारी श्रीनगर गढ़वाल ने सभी खिलाड़ियों को और उनके कोच को राजयोग मेडिटेशन का सूक्ष्म अभ्यास भी करवाया गया। सभी को ब्रह्माकुमारीज़ के मुख्यालय माउंट आबू में आने का निमंत्रण भी दिया गया।
इस दौरान जिला क्रीड़ा अधिकारी पौड़ी गढ़वाल श्री जयवीर सिंह रावत जी भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा की इस तरह के कार्यक्रमों से खिलाड़ियों में सकारात्मकता ऊर्जा का प्रवाह होता है जिससे यह अनुभव किया गया है कि खेलों में प्रदर्शन पहले की तुलना बहुत अधिक सुधार देखने को मिला है I
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कला एवं संस्कृति प्रभाग द्वारा दो दिवसीय ट्रेनिंग और भव्य उद्घाटन समारोह
वैश्विक संस्कृति- प्रेम – शांति-सद्भावना अभियान का हुआ शुभारंभ
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भी अभियान के प्रति भेजी शुभकामनाएं
श्रीनगर गढ़वाल उत्तराखंड में दो दिवसीय ट्रेनिंग और भव्य उद्घाटन समारोह का हुआ आयोजन
श्रीनगर उत्तराखंड। कला एवं संस्कृति प्रभाग द्वारा दादी मनोहर इंद्रा राजयोग भवन श्रीनगर उत्तराखंड में दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर और भव्य उद्घाटन समारोह का हुआ सफल आयोजन । साथ ही नशा मुक्त उत्तराखंड अभियान का नवनिर्मित प्रचार वाहन को हरी झंडी दी गयी I देश के विभिन्न हिस्सों से आए सुप्रसिद्ध गायकों एवं कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियां से बिखेरा अध्यात्म का जादू I
इस कार्यक्रम में अहमदाबाद से पहुँचे मुख्य वक्ता चेयरपर्सन कला एवं संस्कृति प्रभाग आदरणीय राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी चंद्रिका दीदी जी ने कहा कि भारतीय प्राचीन संस्कृति और सभ्यता प्रति दिव्य जागृति फैलाने के लिए देश के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों एवं संस्थानों के साथ ही कम्युनिटी में जाकर अभियान चलाया जाएगा। साथ ही आज के समय में प्रेम शांति और सद्भावना कितनी महत्वपूर्ण है इस बात पर प्रेरणादायक वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि आत्म- चिंतन आत्म-सम्मान और आत्म-प्रेम बढ़ाने से स्वतः ही दूसरों को हमसे शांति प्रेम और शक्ति की अनुभूति होती रहेगी I
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय विधायक रुद्रप्रयाग श्री भरत सिंह चौधरी जी ने कहा कि राजयोग ही वह मार्ग है जिससे हम सुख-दुख लाभ हानि में एक सम्मान रहना सीखता है ।
ब्रह्माकुमारी प्रेम दीदी जी नेशनल कोऑर्डिनेटर कला एवं संस्कृति प्रभाग एवं सब्जोन इंचार्ज करनाल ने बताया कि यह अभियान वर्तमान में 14 राज्यों में चल रहा है जिसका 2026 में राष्ट्रपति भवन में भव्य समापन समारोह रखा जाएगा।
कार्यक्रम में चंडीगढ़ से पहुंचे ब्रह्माकुमार राधेश्याम गर्ग जी मैनेजिंग डायरेक्टर सोनालिका प्रिंट्स मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी का शुभकामना संदेश पढ़कर सुनाया जिसमें उनके द्वारा कहा गया कि उत्तराखंड में चल रही चार धाम यात्रा के दौरान शानदार अभियान के द्वारा अलख जगह कर चार चांद लग गए है। उन्होंने समस्त ब्रह्माकुमारीज के भाई-बहनों को कार्यक्रम की सफलता हेतु अपनी बधाई दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी जी ने की उन्होंने इस आयोजन को समाज हित में प्रेरणादायक बताया और कार्यक्रम में निमंत्रण देने पर संस्था का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम की अति विशिष्ट अतिथि श्री श्याम वीर सैनी जी राज्य मंत्री उत्तराखंड सरकार ने कहा कि कि भारत युवा देश है और युवा हर देश की ताकत होते हैं किंतु हमें इन्हें नशे की बुरी आदत से बचाना होगा, जिसमें ब्रह्माकुमारी संस्था का नशा मुक्ति उत्तराखंड अभियान बहुत ही कारगर साबित होगा।
ब्रह्माकुमारी पूनम दीदी जी नेशनल कोऑर्डिनेटर कला एवं संस्कृति विभाग ने सभी की प्रति प्रेम शांति सद्भावना रखने की प्रतिज्ञा करवाई।
कार्यक्रम के आयोजक क्षेत्रीय निदेशक सीनियर नेशनल कोऑर्डिनेटर भ्राता मेहरचंद जी ने कहा की भारत की आजादी में कलाकारों द्वारा रचे गए गीतों की महत्त्वपूर्ण भूमिका थी I लेकिन जैसे जैसे समय बदला आज चरित्रहीनता भी कला का रूप ले रही है I उन्होंने कहा की इस अभियान के माध्यम से भारतीय कला एवं संस्कृति के संरक्षण और इसे बढ़ावा देने के लिए अन्य जगहों पर भी कार्यक्रम किए जाएंगे I
इस मौके पर राष्ट्रीय सांस्कृतिक कार्यक्रम के अध्यक्ष पंडित हेमंत गुरु महाराज जी ने संपूर्ण रामायण पर आधारित कथक नृत्य प्रस्तुति ने लोगों को मंत्रमुग्ध किए रखा। कार्यक्रम में पधारे सुप्रसिद्ध रंगकर्मी श्री विमल बहुगुणा जी , आचार्य अंकित पांडे जी पिथौरागढ़ एवं तबला वादक आयुष सामंत जी की भावनात्मक गीतों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। हिमाचल की आवाज ब्रह्माकुमार पुनीत मेहता जी ने शिव बाबा की याद के दिव्या गीतों ने तन और मन दोनों को उमंग उत्साह से आनंदित कर झूमने में मजबूर कर दिया। मुख्यालय माउंट आबू से पधारे सुप्रसिद्ध गीतकार ब्रह्माकुमार सतीश भाई जी एवं मिमिक्री आर्टिस्ट ब्रह्माकुमार नितिन भाई जी के भाव विभोर कर देने वाले गीतों की सुन्दर प्रस्तुतियां से सभी के चेहरे पर मुस्कान ला दी I इस दौरान गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्तराखंड की संस्कृति की झलक अपने नृत्य नाटिका के द्वारा प्रस्तुत की ।
अभियान का शुभारंभ मुख्य अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलन तथा ब्रह्माकुमारी बहनों को कलस देकर किया गया। ब्रह्माकुमारी सुनैना बहन जी ओ.आर.सी दिल्ली और ब्रह्मा कुमार हार्दिक भाई जी के द्वारा ब्रह्माकुमारी टीचर बहनों को दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत कलाकारों, संगीतकार, फिल्म डायरेक्टर प्रोड्यूसर आदि हस्तियों की ईश्वरीय सेवा करने का बहुत ही रोमांचक और रचनात्मक प्रशिक्षण दिया गया।
ब्रह्माकुमारी उषा दीदी जी इंचार्ज असंध सेवा केंद्र द्वारा सभी उपस्थित माननीय अतिथियों एवं कार्यक्रम में पहुंचे हुए भाई बहनों का स्वागत किया। ब्रह्माकुमारी नीलम दीदी जी इंचार्ज श्रीनगर गढ़वाल सेवा केंद्र एवं कोऑर्डिनेटर समाज सेवा प्रभाग उत्तराखंड तथा ब्रह्माकुमारी सरिता दीदी जी इंचार्ज असंध सेवा केंद्र द्वारा मंच संचालन किया गया। इस दौरान अहमदाबाद प्लेन हादसे एवं केदारनाथ में हेलीकॉप्टर क्रैश में हताहत हुए लोगों के आत्मा की शांति के प्रति 2 मिनट का मन रखकर प्रार्थना की गई । अभियान के अंत में नवनिर्मित नशा मुक्ति उत्तराखंड अभियान प्रचार वाहन को सभी माननीय अतिथियों के द्वारा हरी झंडी दिखाई गई।
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